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Shri Agrasen Jayanti Samaroh
8th October 2010
Agraj-Jyoti (36th Edition)
Your Greetings, Poems, Stories at your vision on latest Social Reforms are invited for publication. Also invited names of boys and girls for Matrimonial.
अग्रवंश के संस्थापक श्री अग्रसेन जी महाराज को श्रद्धांजलि
हे अग्रवंश
के संस्थापक,
हे अग्रोहे के निर्माता।
हे वैश्य जाति के दिव्य रत्न,
गर्वित कुल है गर्वित माता।।
हे प्रजातन्त्र के अधिनायक,
हे साम्यवाद के अग्रदूत।
हे जाति वंश के विस्तारक,
बन्धुत्व-भाव के बल अकूत।।
हे वीर साहसी, त्यागी मूर्ति,
हे परम, अहिंसक, देवदूत।
हे त्रस्त जाति के ध्रुव सम्बल,
कुल भूषण जननी के सपूत।।
हे महा - मनस्वी अग्रसेन,
हे दिव्य गुणों के दिव्य धाम।
तुम युग दृष्टा तुम युग
सृष्टा,
कर दिया जाति का अमर नाम।।
तुमको कैसे श्रद्धांजलि दूं,
कैसे गुण गाउँ निरा मूक।
है आज लेखनी भी कुण्ठित,
अर्पित करता हूँ मैं प्रणाम।।
शत शत प्रणाम।
शत शत प्रणाम।
शत शत प्रणाम।
शत शत प्रणाम।
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